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Tuesday, 27 May 2014

Hindi Poem: नाराज कभी जिंदगी से 'राज़' नहीं होता...



पर्दा अगर ना होता तो कोई राज़ नहीं होता,
राजा अगर ना होता तो कहीं राज नहीं होता।

विश्वास है मुहब्बत है जमाने में आज भी जिन्दा,
इन्शान अगर ना होता तो ये जलवा आज नहीं होता।

कांटा किसी के पैर का निकाला नहीं होता,
 तो मेरे सर पे ये फूलों का ताज नहीं होता।

नहीं किया होता जो नहीं करना था, तो जनाब!
सच कहता हूं- ये हंगामा आज नहीं होता।

 ऐ जिंदगी! तू खफा होकर भी क्या कर लेगी बता,
नाराज कभी जिंदगी से 'राज़' नहीं होता।



(Author, my tukbandi)

Tuesday, 20 May 2014

Hindi Poem: सुना था ईश्क में नींद उड़ जाती है मगर...



कहते हो कि धड़कनों की राय ली नहीं,
हमारे पास तो हमारा दिल भी नहीं।

साधारण सा जीवन जीने की आदत है,
ज्यादा होशियारी हमने कभी की नहीं।

जोधपुर से हुई है मुहब्बत हमको,
पहले किसी शहर से इतनी थी नहीं।

जब से उसकी सूरत बसी है आंखों में,
ख्वाब के सिवा कोई काम करती ही नहीं।

सुना था ईश्क में नींद उड़ जाती है मगर,
हमारी तो आंखों से नींद जाती ही नहीं।



(Author, my tukbandi)

Wednesday, 14 May 2014

Hindi Poem: अजी ये जो मोहब्बत सारी है...



अजी ये जो मोहब्बत सारी है,
हमारे तो दिल की बीमारी है.

मीठी बात, मीठी मुलाकात,
हमको बस मीठास प्यारी है.

रोया मत कीजिये सनम,
आंखों की ये झील खारी है.

हिसाब सबका करेंगे दोस्तों!
जैसी भी जिसकी उधारी है.

अब राज खोलने होंगे 'राजू',
दिल पे इनका बोझ भारी है.



(Author, my tukbandi)

Monday, 12 May 2014

Hindi Poem: मेरे और चांद के साथ की बात



क्या बताऊं तुम्हें रात की बात,
मेरे और चांद के साथ की बात.

वो खिड़की से मेरे कमरे में आया,
और फिर की मुलाकात की बात.

मैं उठा और चल पड़ा उसके साथ,
जरा न सोची मैनें बाद की बात.

ले जाऐगा मुझे मेरी जान के पास,
वो जानता है मेरे ज़ज्बात की बात.

ये कोई ख्वाब नहीं था मेरे दोस्तों,
बस थी मेरे ख़यालात की बात.



(Author, my tukbandi)

Friday, 9 May 2014

Hindi Poem: हम ये कैसी भूल कर बैठे हैं...



हम ये कैसी भूल कर बैठे हैं,
जिन्दा अपने उसूल कर बैठे हैं.

मांगी है जो उनसे मोहब्बत,
पत्थर को फूल कर बैठे हैं.

क्या जरुरत थी हमें बुलाने की,
खर्चा वो भी फिजूल कर बैठे हैं.

जो उसने पेश किया प्यार से,
सौदा वो भी कबूल कर बैठे हैं.

हम भी कितने नासमझ ठहरे,
दौलत को धूल कर बैठे हैं.



(Author, my tukbandi)