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Monday, 12 May 2014

Hindi Poem: मेरे और चांद के साथ की बात



क्या बताऊं तुम्हें रात की बात,
मेरे और चांद के साथ की बात.

वो खिड़की से मेरे कमरे में आया,
और फिर की मुलाकात की बात.

मैं उठा और चल पड़ा उसके साथ,
जरा न सोची मैनें बाद की बात.

ले जाऐगा मुझे मेरी जान के पास,
वो जानता है मेरे ज़ज्बात की बात.

ये कोई ख्वाब नहीं था मेरे दोस्तों,
बस थी मेरे ख़यालात की बात.



(Author, my tukbandi)

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