Friday, 11 December 2015

A Lovely Hindi Poem: नज़र तो पड़ते ही चेहरे पर फिसल गई...




झूठ कहते हैं वो कि नज़र उनसें मिल गई,
अरे नज़र तो पड़ते ही चेहरे पर फिसल गई.

मासूम चेहरा, मादक नयन, मोहक मुस्कान,
सच कहते हैं हमारी तो जान निकल गई.

मदहोश हुआ दिल और लड़खड़ाती धड़कनें,
उनके दिल में दस्तक देने को मचल गई,

हमारे प्रेम-प्रस्ताव पर वो खामोश हो गए,
मगर धीरे-धीरे चुप्पी की रात ढल गई.

बातों-बातों में वो कदम मेरे साथ हो लिए,
उनकी एक हां से ऐ राजू! ज़िंदगी बदल गई.





*Image Source: Pixabay

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