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Monday, 20 June 2016

A Speaking Poem: एक बोलती हुई कविता...




आसमान के कैनवास पर,
कुछ चित्र बनाए हैं,
बादलों ने.
कुछ श्वेत-श्याम चित्र,
रूप बदलते,
चलते फिरते चित्र.

जी करता है मैं भी लिख दूं,
इस अनन्त आसमान पर,
इन्हीं तस्वीरों के बीच,
एक कविता,
हां... एक कविता,
एक बोलती हुई कविता.

-Rajendra Nehra
(Author, my tukbandi)
www.mytukbandi.in


*Image Source: Pexels

Monday, 6 June 2016

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