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Saturday, 24 December 2016

Hindi Poem: रिश्तों की देखभाल...




रिश्तों की मैली चादर को
धो ना सको तो हुजूर!
कम से कम
उलटकर ही बिछा लो.

-Rajendra Nehra
(Author, my tukbandi)

*Image Source: Pexels

Friday, 9 December 2016

Hindi Poem: ख़्वाबों की खरीदारी...




सो जाता हूं घोड़े बेचकर,
ताकि जमा कर लूं
थोड़ी पूंजी
और
खरीद सकूं कुछ ख़्वाब।

-Rajendra Nehra


*Image Source: Pexels

A Poem Dedicated To Parents: उंगली पकड़ाकर चलाते मुझे...