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Thursday, 26 January 2017

Hindi Poem: एक बात के कितने पहलू | A Story may have Many Aspects...



एक सिक्के के तो बस
दो ही पहलू होते हैं,

मगर ध्यान रखें...

एक पासे के
पूरे छः फलक होते हैं.


-Rajendra Nehra
(Author, my tukbandi)

www.mytukbandi.in

Saturday, 21 January 2017

Hindi Poem: 'Present' does not exist | 'वर्तमान' कुछ भी नहीं है...



'वर्तमान'
कुछ भी नहीं है,
सिवा एक काल्पनिक क्षण के,
जो 'भूत' और 'भविष्य' को,
अलग मात्र करता है.


Saturday, 14 January 2017

A Hindi Poem about Sex: Sex is Sacred | सेक्स पवित्र है...



सेक्स

अगर 'इश्क़' का हिस्सा है
तो पवित्र है,

अगर 'रज़ामंदी' का हिस्सा है
तो कोई बुराई नहीं है,

और अगर 'जबरदस्ती' का हिस्सा है
तो घोर पाप है.

और हां...

"परिपक्वता एवं समझदारी"
सेक्स के सन्दर्भ में
बहुत जरुरी हैं.