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Saturday, 21 January 2017

Hindi Poem: 'Present' does not exist | 'वर्तमान' कुछ भी नहीं है...




'वर्तमान'
कुछ भी नहीं है,
सिवा एक काल्पनिक क्षण के,
जो 'भूत' और 'भविष्य' को,
अलग मात्र करता है.

-Rajendra Nehra
(Author, my tukbandi)



*Image Source: Google

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