Featured post

New address for my tukbandi

Monday, 3 April 2017

Hindi Poem: विभाजन | The Partition



इस सुनहरे आसमान पर कभी,
बहुत बड़ा एक बादल होता था.

राम जाने कहां से
वो जोरदार बवंडर आया,
और उड़ा ले गया कुछ टुकड़े
अपने साथ.

और वो बूढ़ा बरगद,
ख़ामोश खड़ा देखता रहा बस.


-Rajendra Nehra
(Author, my tukbandi)

www.mytukbandi.in

No comments:

Post a Comment