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Monday, 3 April 2017

Hindi Poem: विभाजन | The Partition




इस सुनहरे आसमान पर कभी,
बहुत बड़ा एक बादल होता था.

राम जाने कहां से
वो जोरदार बवंडर आया,
और उड़ा ले गया कुछ टुकड़े
अपने साथ.

और वो बूढ़ा बरगद,
ख़ामोश खड़ा देखता रहा बस.

-Rajendra Nehra
(Author, my tukbandi)
www.mytukbandi.in


*Image Source: Pexels.

3 comments:

  1. "उड़ा ले गया कुछ टुकड़े "
    this is the best.

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    1. And "this is the best" is best for this poem, 😊 thank you...

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  2. This comment has been removed by the author.

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